Sunday, May 26, 2024
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    IPO क्या है? आईपीओ की पूरी जानकारी | What is IPO in Hindi

    इन दिनों आई.पी.ओ (IPO) बहुत छाया हुआ है तो सवाल ये उठता है कि What is IPO in Hindi, अगर आप भी जानना चाहते हैं तो चलिए देखते हैं।

    कोई भी काम हो पैसा कमाने के लिए आपको invest तो करना ही होता है। आप कैसा भी व्यापर शुरू करते हैं उसमें सबसे पहले आपको अपनी पूँछी लगानी पड़ती है उसके बाद ही कुछ होता है। दोस्तों आज के समय में शेयर मार्किट पूंजी इन्वेस्ट करने का प्रचलित जरिया बन गया है। चूँकि शेयर मार्किट का क्षेत्र काफी व्यापक हो गया है इसलिए कई लोगों को जानकारी नहीं होती है कि आखिर इसमें invest कैसे किया जाता है।

    दरअसल छोटी-बड़ी कंपनियां अपने पैसों को कम्पनी में इन्वेस्ट करती हैं और IPO के जरिये मुनाफा कमाती हैं। बता दें सिर्फ कंपनियां ही नहीं बल्कि आप भी आई.पी.ओ के जरिये पैसा कमा सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर आई.पी.ओ क्या है और इसमें पैसे कैसे लगाएं? तो दोस्तों आपको चिंतत होने की जरुरत नहीं है क्योंकि आज के लेख हम आपको IPO से जुड़ी महत्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

     

    क्या होता है आईपीओ | What is IPO in Hindi

    आई.पी.ओ के माध्यम से कंपनियां फंड एकत्रित करती हैं। दरअसल नई या पुरानी या फिर छोटी-बड़ी कंपनियां एक्सचेंज में सूचीबद्ध होकर अपने शेयर्स की बिक्री सार्वजानिक करती हैं इस प्रक्रिया को ही आसान शब्दों में आई.पी.ओ (IPO) कहा जाता है।

    यदि आप आईपीओ का अर्थ नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि आईपीओ का अर्थ आरंभिक सार्वजनिक निर्गम अर्थात इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Initial Public Offering) होता है। बता दें कि आईपीओ के जरिए आम लोगों को कंपनी में भाग लेने का मौका मिलता है एवं वे भी कम्पनी के एक हिस्सेदार बन जाते हैं।

    किसी कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयर आई.पी.ओ से मार्किट में आ जाते हैं। अतः शेयर्स मार्किट में उतारे गए शेयर्स को यदि एक बार कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग की परमिशन मिल जाती है तो इन शेयर्स को निवेशकों द्वारा बेंचा व खरीदा जा सकता है।

    यह भी पढ़िए: शेयर मार्किट क्या होता है? इसमें निवेश कैसे करते हैं

     

    आईपीओ कितने प्रकार का होता है | Types of IPO in Hindi

    दोस्तों यदि आप किसी भी चीज में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको उसकी पूरी जानकरी होना चाहिए। इसलिए आपको आई.पी.ओ में इन्वेस्ट करने से पहले यह मालूम होना जरूरी है कि आईपीओ कितने प्रकार का होता है। यदि आप इसके प्रकार नहीं जानते हैं तो बता दें कि मुख्य रूप से आईपीओ के दो प्रकार होते हैं और ये कुछ इस तरह हैं –

     

    1. निश्चित मूल्य निकास | Fixed Pricing Offer

    निश्चित मूल्य निकास को Fix Price Ipo भी कहा जाता है। दोस्तों जैसा कि इसके नाम से ही विदित हो रहा कि इस प्रकार का आई.पी.ओ फिक्स रहता होगा। दरअसल निश्चित मूल्य निकास आईपीओ में कंपनी अपने ग्राहकों के साथ कंपनी की संपत्ति, वित्तीय पहलुओं के मूल्यांकन आदि पर चर्चा करने के बाद मुनाफा प्राप्त करने के लिए या निकास मूल्य तय करने के लिए इन्वेस्टर बैंक के साथ मिलकर आईपीओ का जो निश्चित मूल्य तय करती है उसको ही निश्चित मूल्य निकास या Fix Price Ipo के नाम से परिभाषित किया जाता है।

     

    2. बुक बिल्डिंग निकास | Book Building Offering

    बुक बिल्डिंग आईपीओ में प्रतिदिन मांग ज्ञात की जाती है जिसके लिए एक बुक बनाई जाती है इसलिए इस आईपीओ को बुक बिल्डिंग निकास के नाम से जाना जाता है। अतः बिल्डिंग निकास निश्चित मूल्य निकास से भिन्न होता है। दरअसल बुक बिल्डिंग निकास में कंपनी इन्वेस्टर बैंक के साथ मिलकर एक मूल्य बैंड निश्चित करती है।

    बता दें कि जब बुक बिल्डिंग निकास मूल्य बैंड निश्चित हो जाता है तो निवेशक शेयरों की कीमत के साथ बोली लगा सकता है एवं बोलियों के अनुरूप ही शेयर मूल्य का निर्णय लिया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मूल्य बैंड अधिक कीमत वाले मूल्य को कैप मूल्य कहा जाता है जबकि सबसे कम मूल्य को फ्लोर मूल्य कहा जाता है। इसके आलावा भारत में कंपनियां अधिक से अधिक IPO बुक बिल्डिंग का सहारा लेती हैं।

     

    आई.पी.ओ क्यों जारी किया जाता है | Why Companies Issue IPO

    किसी तरह की कंपनी हो या फिर कोई भी दुकान हो सभी अपने व्यापर में बढ़ोत्तरी करना चाहते हैं ठीक इसी प्रकार कंपनी को अपने काम को बढ़ाने के लिए पैसों की आवश्यकता पड़ती है एवं इस जरुरत को पूरा करने के लिए कंपनी आईपीओ का सहारा लेती है।

    दरअसल जब कंपनी के पास पैसों की कमी होती है उस समय कम्पनी IPO जारी करती है। जब आई.पी.ओ शेयर्स, मार्किट में लिस्टेड हो जाते हैं तो कंपनी द्वारा शेयर्स बेचकर पैसा कमाती है एवं आईपीओ खरीदने वाले ग्राहकों को कंपनी की हिस्सेदारी प्राप्त हो जाती है। आसान शब्दों में कहा जाए तो कंपनी अपनी राशि में वृद्धि करने के लिए आईपीओ जारी करती है।

     

    आईपीओ में निवेश कैसे किया जाता है | How to invest in IPO

    आई.पी.ओ में निवेश करने के लिए आपको सबसे पहले डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा। डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट आप ऑनलाइन, अपने बैंक या किसी भी शेयर ब्रोकर के पास जाकर खुलवा सकते हैं। जब आपका डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट खुल जाता है तो इसके बाद आप जिस भी किसी कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उस कंपनी को आप आवेदन कर सकते हैं।

    आईपीओ में निवेश करने के लिए आपको इस बात पर विशेष ध्यान रखना होता है कि आपकी निवेश की जाने वाली राशि डीमैड अकाउंट से लिंक्ड अकाउंट में होनी चाहिए। बता दें कि जब तक शेयर अलॉट नहीं होता है तब तक आपके अकाउंट से निवेश की राशि नहीं कटती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी द्वारा निर्धारित किये गए लॉट में शेयर्स खरीदने होते हैं।

     

    आई.पी.ओ में निवेश करने के फायदे | Benefits of IPO in Hindi

    निवेश के तो और भी कई तरीके हैं फिर आखिर आईपीओ में निवेश क्यों किया जाए? इसकी जानकारी सेने के लिए हमें आपको इसके फायदों से रूबरू करवाना होगा। तो चलिए आईपीओ में इन्वेस्ट करने के कुछ फायदे देख लेते हैं

    1. कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का मौका आपको IPO देता है।

    2. आईपीओ की मदद से आप कम पूंजी में अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।

    3. IPO के माध्यम से आपको शेयर मार्केट में जाने का मौका मिलता है।

    4. आईपीओ में खरीदे गए शेयर्स को आप कभी भी बेच सकते हैं।

    5. आप जिस कंपनी का आईपीओ खरीदते हैं उस कंपनी में आपको हिस्सेदारी का मौका मिलता है।

     

    आई.पी.ओ से होने वाले नुकसान | Demerits of IPO in Hindi

    1. कंपनी द्वारा शेयर्स की कीमत पहले ही तय की जाती है जिससे कई बार बाद में निवेशक को नुकसान उठाना पड़ता है।

    2. यदि निवेशक कंपनी को आईपीओ वैल्यूएशन का ज्ञान नहीं होता है तो निवेशक को नुकसान हो सकता है।

    4. IPO में शेयर्स की परफॉर्मेंस के किसी भी प्रकार के आंकड़े नहीं होते हैं जिसकी वजह से आई.पी.ओ को जोखिमभरा माना जा सकता है।

     

    आईपीओ से सम्बंधित अन्य जानकारी | Other Information related to IPO

    1. कम्पनी द्वारा जारी किए गए शेयर्स यदि IPO में निवशकों द्वारा नहीं खरीदे जाते हैं तो कम्पनी जारी किये गए शेयर्स वापस ले लेती है।

    2. दोस्तों आईपीओ टीमों का गठन प्रमाणित सार्वजनिक लेखाकार, अंडरराइटर, विनिमय आयोग आदि के विशेष जानकारों के साथ मिलकर किया जाता है।

    3. मर्चेंट बैंकर किसी भी कंपनी में आईपीओ के लिए सबसे आवशयक पार्टनर होता है।

     

    आईपीओ की विस्तृत जानकारी | Video of What is IPO in Hindi

     

    तो दोस्तों ये थी आईपीओ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी। हम आशा करते हैं की आप Ipo से भलीभांति परिचित हो गए होंगे और आपको दोबारा what is ipo in hindi नहीं पूछना पड़ेगा । अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें और हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें ताकि आपको ऐसी ही जानकारी मिलती रहे।

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