Saturday, June 15, 2024
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    Business क्या है? जानिए बिज़नेस से जुड़ी कुछ जानकारी

    आज के समय में ज्यादा धन कमाने के लिए या जल्दी उन्नति पाने के लिए हर कोई business के क्षेत्र में अपना हाथ आजमाना चाहता है। परन्तु दुर्भाग्य की बात है कि कई लोग बिज़नेस से ठीक तरह से वाकिफ ही नहीं है। वे नहीं जानते हैं कि वास्तव में business kya hai एवं इसे कैसे करना चाहिए।

    अब यूं तो बिज़नेस कई हजार साल पूर्व राजा-महाराजाओं के जमाने से ही होता चला आ रहा है परन्तु समय के साथ साथ बिज़नेस करने के तरीके बदलते जा रहे हैं। दुनिया में आधुनिकता बढ़ने के साथ ही business भी बढ़ रहे हैं और इसकी परिभाषाएं भी बदल रही हैं। ऐसे में अगर आपको आज के समय में बिज़नेस करना है तो पहले आपको इसका पूरा ज्ञान होना अनिवार्य है।

    तो चलिए आज के लेख में हम आपको ना सिर्फ ये बताते हैं कि बिज़नेस क्या होता है बल्कि इसके समस्त प्रकार और बिज़नेस से जुड़ी तमाम जानकारी से आपको रूबरू करवाते हैं।

     

    बिज़नेस क्या होता है | Business Kya Hai

    Business को हिंदी में व्यापार या व्यवसाय कहा जाता है। यह एक तरह का पेशा है जिसमें मुनाफा कमाने के लिए सामान या सेवाएं प्रदान की जाती है। अब जरूरी नहीं की मुनाफा पैसा ही हो यह एक तरह फायदा है जो किसी भी रूप में हो सकता है।

    किसी भी बिज़नेस को सुचारू रूप से चलते रहने के लिए मुनाफा या फायदा ही सबसे जरूरी होता है। इसी लिए एक व्यापार में मुनाफा ही Businessman (व्यापार करने वाले व्यक्ति) के लिए सबसे चिंता करने वाला विषय होता है। हलाकि कुछ ऐसे business भी होते हैं जिन्हें करने का उद्देश्य मुनाफा नहीं बल्कि वैश्विक या सामाजिक कारण होता है। ऐसे बिज़नेस को हम NPO या NGO के नाम से जानते हैं। इनके बारे में हम आगे कभी दूसरे लेख में विस्तार से बताएँगे।

    बता दें की व्यापार छोटा हो या बड़ा वह बिज़नेस कहला सकता है। एक छोटी पान की दुकान से लेकर कोई बड़ी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी तक सभी बिज़नेस हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि बिज़नेस कहलाने के लिए एक बड़े टर्नओवर की जरुरत हो। उदाहरणस्वरूप नाई की दुकान, किराने की दुकान, कपड़े की दुकान, फल व सब्जी के ठेले, चप्पल ठीक करने वाले की दुकान, कुल्फी के ठेले आदि यह सभी बिज़नेस ही हैं।

    इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज, निजी बैंक, सिनेमा थिएटर, होटल, अस्पताल आदि तमाम तरह की सेवाएं प्रदान करने वाले ये सभी बिज़नेस के अंतर्गत ही आते हैं। इन सभी व्यापारों और एक दुकानदार या कंपनी में फर्क बस इतना है की दुकान या कंपनी आपको उत्पाद बेच कर पैसे लेती हैं और ये व्यापार आपको अपनी सेवाएं दे कर पैसे कमाते हैं।

     

    बिज़नेस की परिभाषा | Definition of Business in Hindi

    बिज़नेस के बारे में इतना सब कुछ जान लेने के बाद आप ये सोच रहे होंगे की अगर अब इसको कम शब्दों में किसी के सामने परिभाषित करना हो तो कैसे करेंगे। तो चलिए आपको Business की definition भी बता देते हैं।

    एक इकाई, संगठन या कोई अन्य संस्था जो वाणिज्यिक, पेशेवर, कानूनी अथवा गैरकानूनी या किसी भी स्थिति में लाभ कमाने के लिए औद्योगिक गतिविधियों में लगी हुई है वह बिज़नेस कहलाती है। दूसरे शब्दों में बताएं तो मानव आवश्यकताओं की संतुष्टि के माध्यम से लाभ अर्जित करने और धन प्राप्त करने के उद्देश्य से किए गए सामानों का नियमित उत्पादन या खरीद और बिक्री बिज़नेस के अंतर्गत आते हैं।

     

    बिज़नेस के प्रकार | Types of Business in Hindi

    अब तक बिज़नेस के बारे में पढ़ कर आप यह तो समझ गए होंगे कि Business kya hai परन्तु व्यापार करने के लिए सिर्फ इतना पता होना काफी नहीं है। इसे करने के लिए एक व्यक्ति को सबसे पहले यह चुनना होता है कि वह किस प्रकार की व्यवसाय लाइन का संचालन करना चाहता है। ऐसे में चलिए आपको व्यापार के तमाम प्रकारों के बारे में बताते हैं जिससे आपको अपने किस्म का व्यापार चुनने में आसानी होगी।

    बता दें एक व्यवसाय को मोटे तौर पर चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है –

     

    1. Manufacturing Business

    Manufacturing Business को हिंदी में विनिर्माण व्यवसाय कहा जाता है। यह ऐसे उत्पादक होते हैं जो उत्पाद (Product) विकसित करते हैं और बिक्री करने के लिए इसे सीधे ग्राहक या बिचौलियों को बेचते हैं।

    उदाहरण : शक्कर की मील, बेकरी, कपड़ों की मील, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री, स्टील प्लांट, केमिकल फैक्ट्री आदि।

     

    2. Retail Business

    इसे खुदरा व्यापार भी कहा जाता है। रिटेल एक प्रकार का व्यवसाय है जो निर्माताओं और वितरकों से थोक मूल्य (Wholesale price) पर उत्पाद खरीदता है और फिर इसे ग्राहकों को खुदरा मूल्य (Retail price) पर बेचता है। इसे आमतौर पर ‘खरीदें और बेचें’ व्यवसाय के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें व्यापारी उत्पादों को उनकी लागत मूल्य से अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाते हैं। इसे मर्चेंडाइजिंग बिज़नेस भी कहा जाता है।

    उदाहरण : कपड़ों की दुकान, किराना दुकान, बुक स्टोर आदि।

     

    3. Service Business

    यह एक कौशल-उन्मुख प्रकार का व्यवसाय है जो अपने ग्राहकों को अमूर्त मूल्य प्रदान करता है। यह कुछ ऐसा है जो भौतिक नहीं है लेकिन आप इसे देखते और महसूस करते हैं। इस बिज़नेस में ग्राहक संतुष्टि के माध्यम से पैसा कमाने के लिए की जाने वाली गतिविधि या सेवाएं आती हैं। इसमें पेशेवर कौशल और विशेषज्ञता शामिल है।

    उदाहरण : कोचिंग संस्थाएं, स्कूल, कॉलेज, आदि।

     

    4. Hybrid Business

    एक व्यवसाय जिसमें तीनों गतिविधियाँ शामिल हों अर्थात माल का निर्माण, उत्पादों की बिक्री और सेवा प्रदान करना यह हाइब्रिड बिज़नेस के अंतर्गत आता है। इसमें जरूरी नहीं की तीनों प्रकार के व्यापार किए जाएँ, अगर दो प्रकार के भी व्यवसाय एक साथ किए जाते हैं तो वह हाइब्रिड श्रेणी का बिज़नेस कहलाता है।

    उदाहरण : एक फर्नीचर विक्रेता जो फर्नीचर का निर्माण तो करता ही है, साथ ही पुराना फर्नीचर खरीदता है और मरम्मत के बाद उसे अधिक कीमत पर बेचता है और इसके अलावा पुराने फर्नीचर को चमकाने के लिए सेवाएं भी प्रदान करता है।

     

    बिज़नेस करने के फायदे | Advantages of Business in Hindi

    बिज़नेस करने के कई फायदे हैं। यही वजह है की आज कल ज्यादातर लोग नौकरी करने की वजाए बिज़नेस को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। चलिए आपको व्यापार के कुछ फायदे बताते हैं।

    1. इसमें आप अपने मालिक खुद होते हैं। अतः आप पर कोई हुक्म चलाने वाला नहीं है।
    2. एक बिजनेसमैन होने के नाते आप पूरी तरह आजाद होते हैं आप जैसे चाहे वैसे काम कर सकते हैं।
    3. व्यापार में आर्थिक लाभ ज्यादा है। यह आपको जिंदगी में अमीर बनने का सुनहरा अवसर प्रदान कर सकता है।
    4. एक बड़े बिज़नेस की समाज में इज्जत और रुतवा ज्यादा होता है।
    5. आपको अपनी पसंद और नापसंद चुनने के बेहतर अवसर मिलते हैं अर्थात आप जिस क्षेत्र में रूचि रखते हैं उस क्षेत्र में बिज़नेस कर सकते हैं। इससे आपको व्यक्तिगत संतुष्टी मिलती है।

     

    बिज़नेस करने के नुक्सान | Disadvantages of Business in Hindi

    बिज़नेस करने के तमाम फायदे हैं तो इसके अपने कुछ नुक्सान भी हैं। जिन्हें बिज़नेस करने से पहले जान लेना बेहद आवशयक है अन्यथा आपको भारी दिक्कतों का सामना उठाना पड़ सकता है। तो चलिए आपको बिज़नेस के नुकसानों से भी अवगत करा देते हैं।

    1. बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे की आवश्यकता होती है अगर पैसा नहीं तो बिज़नेस नहीं।

    2. बिज़नेस में वित्तीय जोखिम शामिल रहता है। अगर आप काफी पैसा लगा कर एक व्यापार शुरू करते हैं और आपको उसमें घाटा होता है तो आपका सारा पैसा डूब जाएगा।

    3. बिज़नेस में तनाव बहुत रहता है। आपको व्यापार में लगातार मुनाफा कमाते रहने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे तनाव पैदा होता है। ज्यादा तनाव लेने के कारण व्यपारियों के स्वस्थ्य पर बुरा असर भी पड़ता है।

    4. बिज़नेस को खड़ा करने के लिए एक व्यक्ति को अपना पूरा समय बिज़नेस को देना रहता है। यह कोई 9 से 5 की नौकरी नहीं रहती बल्कि यहाँ दिन भर अपने काम के प्रति commitment रहता है।

     

    तो दोस्तों ये थी बिज़नेस से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं कि आप business kya hai यह समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी दी गई जानकारी अच्छी लगी तो इसे बेझिजक अपने दोस्तों के बीच शेयर कर दें साथ ही सोशल मीडिया पर हमें फॉलो कर लें ताकि आपको ऐसी ही जानकारी मिलती रहे। हमारी पोस्ट पढ़ते रहने के लिए पास में दिए घंटी के बटन को दबाएं या फिर नीचे दिए हमारे Email letter को फ्री में subscribe करें।

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    Comments

    1. Bissness vyapar h ishme jayada se jayada pesa kama sakte h or ishme pesa ki jarurat h or business me jayada se jayada time dena hota h jisse jayada pesa kam sakte h

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